मुझे हर समय पेशाब क्यों करना पड़ता है?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 10:32

बार-बार पेशाब होने के कारण (Causes of Frequent Urination)

बार-बार पेशाब आने का सबसे बड़ा कारण हो सकता है मूत्राशय की अत्यधिक सक्रियता। ऐसी स्थिति में सामान्य रूप से व्यक्ति बार-बार पेशाब करने के लिए प्रेरित होता है।

डायबिटीज-ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने की स्थिति को ही डायबिटीज कहते हैं। टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह की डायबिटीज में शरीर जरूरत के अतिरिक्त ग्लूकोज को मूत्र मार्ग से बाहर निकालने लगता है। इसी वजह से डायबिटीज के मरीजों को बार-बार पेशाब होता रहता है।

कसरत-कसरत करते वक्त हमारे शरीर में मौजूद गंदगी पसीने के रास्ते से बाहर निकलता है। अत: शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए बॉड़ी बिल्ड़र अधिक पानी पीते हैं जिस वजह से उन्हें बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है।

मूत्रवर्धक दवा- बीमारी को ठीक करने के लिए ली गई दवा आपको बिस्तर से उठने के लिए मजबूर कर सकती है। यदि आप दवा से होने वाले इस साइड़-इफेक्ट से परेशान है तो अपने डॉक्टर की सलाह लें। दवा के अतिरिक्त कॉफी व शराब के सेवन से भी आपको अधिक पेशाब आ सकता है।

मूत्राशय का कैंसर- मूत्राशय के कैंसर के कारण आपको बार-बार अपनी कुर्सी से उठना पड़ सकता है। दफ्तर में काम करते समय हर घंटे बाद बाथरूम हो सकती है एवं आपके पेशाब में रक्त भी आ सकता है।

बढ़ा हुआ प्रोस्टेट ग्रंथि-मूत्रमार्ग में स्थित प्रोस्टेट ग्रंथि, मूत्रमार्ग पर दबाव डालता है जो कि अधिक पेशाब आने का कारण बनता है। हालांकि इस रोग का पता लगाना थोड़ा कठिन है लेकिन इस बीमारी से जुड़े कारणों में बाथरूम जाने के बाद भी हल्का महसूस ना होना, पेशाब पर असंयम एवं पेशाब करने में कठिनाई महसूस होना जैसे लक्षण शामिल होते हैं।

प्रोस्टेट कैंसर- कभी-कभी बढ़ा हुआ प्रोस्टेट भी टयूमर को चिह्नित कर सकता है। श्रोणि क्षेत्र पर किसी भी प्रकार का टयूमर मूत्रमार्ग को प्रभावित कर सकता है।

मनोवैज्ञानिक कारण- अधिक पेशाब आने के पीछे केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक कारण भी छुपे हो सकते हैं। डर या चिंता के कारण आपको अधिक बार पेशाब आ सकता है। कुछ मामलों में आदत एवं शौचाल्य जाने से जुड़ा समय भी आपको बाथरूम की ओर खींच सकते हैं।

मूत्र पथ संक्रमण-यदि किसी वजह से आपका मूत्र पथ संक्रमित हो जाए तो आपको बार-बार बाथरूम जाना पड़ सकता है। मूत्र मार्ग संक्रमण के कारणों में एसटी आई शामिल है।

इंटरस्टेशल सिस्टाईट्स– इस रोग में रोगी का मूत्राशय सूज जाता है। ऐसे स्थिति में पेशाब करते वक्त रोगी को बहुत पीड़ा महसूस होती है। इसके अलावा, रोगी को सेक्स के दौरान भी दर्द महसूस होता है।

प्रेगनेंसी-प्रेगनेंसी के दौरान यूरेटस बड़ा होने लगता है जिसकी वजह से ब्लैडर पर दबाव बढ़ने लगता है। इसलिए इस दौरान महिला को बार-बार पेशाब आना शुरु हो जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर- हाई ब्लड प्रेशर के दौरान जो दवाएं दी जाती हैं, वो किडनी पर अतिरिक्त लिक्किड को बाहर निकालने का दबाव बनाती हैं। इसी वजह से इस तरह की दवाओं के इस्तेमाल से भी व्यक्ति को बार-बार पेशाब होने लगता है।



अन्य कारण

-ज्यादा पानी पीने से ज्यादा मात्रा में बार-बार पेशाब आना स्वाभाविक होता है।

-कई बार कुछ लोगों का मूत्राशय अधिक सक्रिय होता है जिसकी वजह से व्यक्ति को जल्दी-जल्दी पेशाब आने लगता है।

-बार-बार पेशाब आने की वजह यूरिनल टैक्ट इंफेक्शन (यूटी आई) भी हो सकता है। यूरिन में इंफेक्शन हो तो पेशाब आने के समय जलन भी होती है।

-किडनी का इंफेक्शन होने पर भी बार-बार पेशाब आने लगती है।

-ठंडा वातावरण में ज्यादा रहना जिससे पेशाब ज्यादा बनता है और पेशाब बार-बार होता है।

-छोटे बच्चों में यह समस्या पेट में कीड़े पड़ जाने के कारण होती है।

-शराब के ज्यादा सेवन करने से या फिर किसी और भी तरह का नशा करने पर।

-इसके अलावा कैफीन वाले पदार्थों जैसे चाय, काफी, चॉकलेट आदि का अत्यधिक सेवन या एल्कोहल के प्रयोग से भी पेशाब आने की फ्रीक्वसी बढ़ जाती है।

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